दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा पर पहुंचा
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता लगातार गिरने के कारण गंभीर स्थिति बन गई है। इस संकट को देखते हुए आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रैप (GRAP) की स्टेज-3 लागू कर दी है। इसके तहत नोएडा और गाजियाबाद में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें स्कूलों का बंद होना और निर्माण कार्यों पर रोक शामिल है।
निर्माण कार्य और वाहनों पर लगे प्रतिबंध, वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद
नोएडा प्राधिकरण ने आदेश जारी कर कहा है कि मेट्रो, अस्पताल और फ्लाईओवर से जुड़ी परियोजनाओं को छोड़कर सभी निर्माण गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाए। साथ ही, नोएडा और गाजियाबाद में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों का संचालन भी रोक दिया गया है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के ऊपर पहुंच गया है, जिससे सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
खराब वायु गुणवत्ता के कारण स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव और स्कूलों का निर्णय
नोएडा के विभिन्न इलाकों में बुधवार शाम को AQI 425 तक पहुंच गया, जबकि सेक्टर-1 में 407 और सेक्टर-116 में 415 दर्ज किया गया। हवा में PM 2.5 और PM 10 की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण ने सभी रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट्स, स्टोन क्रशर और डिमोलिशन साइट्स को बंद करने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
बढ़ते प्रदूषण के कारण नोएडा के स्कूलों को हाइब्रिड (मिश्रित) मोड में संचालित करने का निर्देश दिया गया है। कक्षा 5 तक के छात्रों की पढ़ाई अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होगी, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे। गाजियाबाद में नर्सरी से कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों को भी अगले आदेश तक ऑनलाइन पढ़ाई करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि स्मॉग और धुआं बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं। इसलिए, अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें।









