दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति
दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है, जिससे सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। इस खतरनाक प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर स्थायी प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि मौजूदा प्रदूषण स्तर बहुत ही चिंताजनक है। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया है कि वरिष्ठ वकीलों को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से आने के बजाय वर्चुअली पेश होना चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
सुप्रीम कोर्ट का प्रदूषण पर चिंता और वकीलों की भागीदारी
गुरुवार को जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की पीठ के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान, जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि प्रदूषण की स्थिति अत्यंत खराब और खतरनाक है, जो लोगों की सेहत को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सौभाग्य से इस बार हाईब्रिड सुनवाई हो रही है, जिसमें अधिकतर वकील वर्चुअल माध्यम से भाग ले रहे हैं। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी कहा कि वे मास्क पहनकर सभी जरूरी एहतियात बरत रहे हैं, लेकिन जस्टिस नरसिम्हा ने चेतावनी दी कि खतरा मास्क से भी आगे निकल चुका है, क्योंकि हवा का प्रदूषण स्तर अब तीन सौ से ऊपर पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में मुख्य न्यायाधीश से भी चर्चा की जाएगी।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता का लगातार गिरना
शुक्रवार को भी दिल्ली की हवा में जहरीले प्रदूषण का स्तर बना रहा, और सुबह 8 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 397 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले सुबह 7 बजे AQI 399 था, और गुरुवार को शाम को यह 404 पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने शुक्रवार को AQI 400 से ऊपर दर्ज किया है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, और इससे निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।










