उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप तेज
उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे गर्मी का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार फरवरी के अंतिम सप्ताह में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना है। राजस्थान में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में यह 32 से 34 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव और पहाड़ी इलाकों की स्थिति
मौसम की वर्तमान स्थिति मार्च के अंत जैसी गर्मी का संकेत दे रही है। उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इस बढ़ोतरी के साथ ही तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने की संभावना है, जिससे फरवरी का महीना अत्यधिक गर्म रहने वाला है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अच्छी खबर यह है कि पश्चिम हिमालय क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिनके कारण ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में बूंदाबांदी की संभावना है।
आगामी मौसम की स्थिति और तापमान में बदलाव
फरवरी के महीने में ही तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में। 27 फरवरी से 2 मार्च के बीच सक्रिय होने वाले दो पश्चिमी विक्षोभ के कारण इन क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो सकता है, हालांकि इसकी तीव्रता इस बार कम होगी। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में 5 मार्च तक हल्की बर्फबारी की संभावना है।
उत्तर पश्चिम और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, और हफ्ते के अंत तक यह 5 डिग्री से अधिक भी हो सकता है। दिन के साथ-साथ रातों में भी गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में 24 फरवरी से तापमान 31 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। हफ्ते के अंत तक तापमान में और भी वृद्धि हो सकती है, जिससे फरवरी का अंतिम सप्ताह अत्यधिक गर्म हो सकता है, जो आमतौर पर मार्च के दूसरे हफ्ते में ही महसूस होता है।










