आया नगर में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा
दक्षिणी दिल्ली के आया नगर क्षेत्र में 30 नवंबर को हुई भयावह हत्या की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस वारदात में 52 वर्षीय रत्तन नामक व्यक्ति को कार सवार अपराधियों ने गोलियों से भून दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके की जांच में पता चला है कि मृतक के शरीर से कुल 69 गोलियां निकलीं, जबकि हमलावरों ने लगभग 72 राउंड फायरिंग की थी। इस खौफनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का संकेत और गैंगस्टर्स का हाथ
पुलिस के अनुसार, यह मामला संभवतः एक साजिश के तहत की गई हत्या प्रतीत होती है, जो कि एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जुड़ा हो सकता है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस हत्याकांड के पीछे विदेश में बैठे गैंगस्टर्स का हाथ हो सकता है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और स्थानीय थाना पुलिस की टीमें इस जघन्य अपराध में शामिल शूटरों की तलाश में जुटी हैं।
फायरिंग की घटना और संदिग्धों की भूमिका
30 नवंबर को सुबह 6:24 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को आया नगर फेज-5 में फायरिंग की सूचना मिली। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो देखा कि एक व्यक्ति खून से लथपथ सड़क पर पड़ा हुआ था। घटनास्थल पर मौजूद खून और जिंदा-खाली कारतूसों से पता चला कि यह हमला बेहद योजनाबद्ध था। मृतक की पहचान रत्तन पुत्र लेखराम के रूप में हुई, जो मई 2025 में छतरपुर के सीडीआर चौक पर हुए शूटआउट केस में गिरफ्तार आरोपी दीपक का पिता था।
जांच में पता चला है कि आया नगर में 2024 से दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। दीपक उर्फ दीपू ने मई 2025 में अरुण की हत्या कर दी थी, जो उस समय आरोपी था। पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड में मृतक का मामा कमल भी शामिल हो सकता है, जो पहले से ही कई आपराधिक मामलों में वांछित है। पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा, लेकिन वह और उसका परिवार फरार मिला।
इसके अलावा, आरोपी दीपक का भाई अंकित भी संदिग्ध है, जो पिछले कई दिनों से घर से गायब है और उसका मोबाइल भी घर पर नहीं था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है, जिसमें पारिवारिक रंजिश, गैंगवार और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।











