दिल्ली में लापता व्यक्तियों के मामलों में बढ़ोतरी, पुलिस का सख्त संदेश
दिल्ली में जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में कुल 807 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। हालांकि, पुलिस ने इन मामलों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का दावा खारिज किया है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। यह आंकड़ा शहर में चिंता का विषय बना हुआ है, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह संख्या सामान्य से अधिक नहीं है।
पुलिस का आरोप: अफवाहें और प्रचार पैसे के लालच से प्रेरित
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा है कि लापता लड़कियों की बढ़ती संख्या को लेकर जो हंगामा हो रहा है, वह मुख्य रूप से पैसे के लालच में अफवाहें फैलाने वालों द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस तरह का प्रचार न केवल गलत है, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी बना रहा है।
डेटा और ऐतिहासिक रुझान: लापता बच्चों की संख्या में चिंता
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि 2016 से 2026 के बीच दिल्ली में 60 हजार से अधिक बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें से लगभग सात हजार का अभी तक पता नहीं चल पाया है। वर्तमान में भी, 137 लापता बच्चों में से 120 लड़कियां हैं, जिनकी उम्र 12 से 18 वर्ष के बीच है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लापता बच्चों की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है, और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।










