दिल्ली में बीएस-6 वाहनों पर प्रतिबंध और प्रदूषण नियमों का प्रभाव
दिल्ली में बीएस-6 (BS-VI) मानकों वाले वाहनों पर रोक और नो पीयूसी नो फ्यूल (No PUC No Fuel) नियम लागू होने के बाद शहर के प्रमुख बाजारों में बिक्री और ग्राहक संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। सदर बाजार, सरोजिनी नगर और लाजपत नगर जैसे इलाकों में व्यापार लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक घट गया है। इन बाजारों में NCR (National Capital Region) से आने वाले खरीदारों की संख्या कम होने से त्योहारों की बिक्री पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
सर्दियों में प्रदूषण और बाजारों पर पड़ रहा असर
दक्षिण दिल्ली के प्रसिद्ध सरोजिनी नगर मार्केट में भी इस मंदी का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा के अनुसार, बीते एक हफ्ते में यहाँ भीड़ लगभग 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। उन्होंने बताया कि सर्दियों के कपड़े जो पहले कुछ ही दिनों में बिक जाते थे, अब दुकानों में ही पड़े रह गए हैं क्योंकि NCR से ग्राहक नहीं आ रहे हैं।
लाजपत नगर मार्केट के व्यापारियों ने भी मंदी की स्थिति की पुष्टि की है। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में यहाँ भीड़ में स्पष्ट कमी आई है, जिसका सीधा असर रोजाना की बिक्री पर पड़ रहा है, विशेष रूप से कपड़ों के कारोबार में।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नई नियमावली
यह सख्ती तब लागू की गई है जब दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। गुरुवार से दिल्ली के बाहर से आने वाले गैर बीएस-6 (Non BS-VI) वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही नो पीयूसी नो फ्यूल (No PUC No Fuel) नियम के तहत बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जा रहा है। इस नियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे, पेट्रोल पंपों पर वॉइस अलर्ट और पुलिस की मदद ली जा रही है।










