दिल्ली पुलिस ने गैंग से जुड़े व्यक्ति को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक 32 वर्षीय आरोपी को हिरासत में लिया है, जिस पर आरोप है कि उसने हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बनकर एक व्यक्ति को कॉल कर 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर करवाई। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब आरोपी ने अपने गैंग के साथ मिलकर एक बड़ी संपत्ति की धोखाधड़ी की योजना बनाई।
प्रॉपर्टी ट्रांसफर और जांच का पूरा घटनाक्रम
पुलिस ने बताया कि यह संपत्ति जून 2022 में गुप्ता की पत्नी मेघा गोयल और साली निधि के नाम पर परवीन कुमार से खरीदी गई थी। गुप्ता ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत जमा किए, जिसके बाद जांच शुरू हुई। जांच के दौरान पता चला कि हरियाणा के निवासी की शिकायत पर 2025 में रोहिणी के बेगमपुर थाने में इसी प्रॉपर्टी से संबंधित एक केस दर्ज किया गया था। इससे पुलिस को पता चला कि धमकी भरे कॉल के माध्यम से शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया गया था। अंततः पुलिस ने विकास नामक आरोपी को नरेला के अपने गांव से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह विवादित प्रॉपर्टी के कारोबार में शामिल था और 2022 में उसके दो साथियों ने उसे इस ट्रांजैक्शन के बारे में बताया था।
गैंग का नेटवर्क और आगे की जांच जारी
आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि जब प्रॉपर्टी का ट्रांसफर रुक गया और शिकायतकर्ता ने इसे हस्तांतरित करने से मना कर दिया, तो उसने खुद को गैंग का सदस्य बताकर धमकी देने की साजिश रची। शक है कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसने दूसरों को गैंग के सदस्य बनाकर धमकाने का काम किया। इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है, ताकि इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।










