दिल्ली शराब घोटाले का फैसला: सभी 23 आरोपियों को मिली राहत
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 21 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस फैसले में पूर्व सांसद के. कविता भी शामिल हैं। हालांकि, इस निर्णय के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की है।
शराब घोटाले में जेल काट चुके नेताओं का अनुभव
शराब घोटाले के आरोपों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के संगठनात्मक ढांचे को हिला कर रख दिया था। इस मामले में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को लंबा समय जेल में बिताना पड़ा। आइए जानते हैं, किन नेताओं ने कितने दिन जेल में बिताए:
- विजय नायर: पूर्व संचार प्रमुख विजय नायर को 14 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2 सितंबर 2024 को जमानत मिली, यानी करीब 23 महीने (658 दिन) जेल में रहे।
- मनीष सिसोदिया: शिक्षा मॉडल के चेहरे माने जाने वाले सिसोदिया ने फरवरी 2023 में गिरफ्तारी के बाद लगभग 17 महीने (510 दिन) जेल में बिताए।
- अरविंद केजरीवाल: मार्च 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार किया। वे लगभग 6 महीने (177 दिन) जेल में रहे, जिसमें चुनाव प्रचार के दौरान मिली अंतरिम जमानत शामिल नहीं है।
- संजय सिंह: राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी करीब 6 महीने (181 दिन) जेल में रहे, बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।
- के. कविता: पूर्व सांसद और बीआरएस नेता के. कविता को भी इस मामले में 5 महीने (150 दिन) जेल में रहना पड़ा, बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
अन्य आरोपियों को भी मिली राहत और राजनीतिक प्रभाव
इस मामले में अन्य आरोपियों को भी राहत मिली है, जिनमें कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मूथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल्ल, अर्जुन पांडेय, बुच्चीबाबू गोरंटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह रायट, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और शरथ चंद्र रेड्डी जैसे नाम शामिल हैं।
क्या कोर्ट का फैसला आम आदमी पार्टी के राजनीतिक भविष्य को बदलेगा?
साल 2013 में दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में कदम रखा था, लेकिन शराब घोटाले के आरोपों ने उनकी पार्टी को काफी नुकसान पहुंचाया। अब जब आरोपों से राहत मिल गई है, तो सवाल उठता है कि क्या केजरीवाल और उनकी पार्टी फिर से राजनीतिक केंद्र में आ पाएंगे।
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि दिल्ली में चुनाव कराए जाएं और बीजेपी को 10 से अधिक सीटें मिलें, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
पिछले चुनाव में दिल्ली में केजरीवाल ने 67 में से 67 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। लेकिन शराब घोटाले के आरोपों ने उन्हें और उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। अब देखना है कि कोर्ट के इस फैसले से आम आदमी पार्टी को नई ऊर्जा मिलती है या नहीं।
आगामी साल में पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों में चुनाव हैं। इन राज्यों में पार्टी की स्थिति और केजरीवाल का राजनीतिक जज़्बा अब नई दिशा ले सकता है। क्या कोर्ट का फैसला पार्टी के लिए फिर से चुनावी मैदान में उतरने का प्रोत्साहन बनेगा? यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।











