दिल्ली में सड़क सुरक्षा की गंभीर अनदेखी का मामला
दिल्ली में सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही का एक और मामला सामने आया है, जिसने फिर से सिस्टम की खामियों को उजागर किया है। हाल ही में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत उस समय हो गई जब वह दिल्ली के जोगिंदर सिंह मार्ग पर एक गहरे गड्ढे में गिर गया। यह घटना केवल 20 दिन पहले नोएडा में हुई एक दुखद दुर्घटना की याद दिलाती है, जिसमें एक युवक की जान चली गई थी। दोनों ही मामलों में प्रशासन और संबंधित विभागों की उदासीनता स्पष्ट रूप से देखने को मिली है।
लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी से हुई मौत
कमल ध्यानी, जो एक निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थे, अपने घर लौट रहे थे कि तभी उन्हें पता चला कि सड़क पर बिना किसी चेतावनी के गहरा गड्ढा खोदा गया है। रात के अंधकार में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने और बिना बैरिकेडिंग के उस गड्ढे में वह गिर गए। हेलमेट पहनने के बावजूद गंभीर चोटें आईं और समय पर मदद न मिलने के कारण उनकी जान चली गई। आरोप है कि सड़क पर काम कर रहे ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी इस खतरनाक स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।
पुलिस और प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
मामले में दिल्ली पुलिस ने जल बोर्ड के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें कहा गया है कि बिना सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेतकों के गड्ढा खोदा गया था। रातभर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे कमल की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद दिल्ली सरकार ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे सड़क सुरक्षा की समस्या का स्थायी समाधान हो पाएगा। इस तरह की लापरवाही और सिस्टम की खामियों ने फिर से साबित कर दिया है कि इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।










