दिल्ली हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के आरोपी ससुर की जमानत खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 वर्षीय बहू की दहेज के लिए हत्या के मामले में ससुर सुनील कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया है। न्यायालय ने इस जघन्य मामले को अत्यंत दुखद बताया, जिसमें एक युवती दहेज की लालच का शिकार हुई। पीड़िता सोनम ने मरने से पहले अपने बयान में कहा था कि उसे जबरन एसिड पिलाया गया था।
पीड़िता का बयान और मौत का कारण
प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, सोनम को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती रही। दिसंबर 2024 में वह अपने मायके लौट आई और 25 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई। मरने से एक दिन पहले, आरएमएल अस्पताल में दिए गए बयान में सोनम ने आरोप लगाया कि उसके ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे और बच्चे को मारने की धमकी देकर उसे एसिड पीने पर मजबूर किया।
बयान की विश्वसनीयता और अदालत का निर्णय
कोर्ट ने कहा कि भले ही सोनम ने पहले कहा था कि उसने गलती से एसिड पी लिया, लेकिन यह बयान उसकी मजबूरी का परिणाम था क्योंकि वह ससुराल में रह रही थी और परिवार का सहारा नहीं था। अदालत ने माना कि इस बयान की सच्चाई का खुलासा ट्रायल के दौरान ही हो सकेगा।
ससुर की जमानत याचिका का खारिज होना
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि आरोपी द्वारा इलाज पर खर्च किए गए पैसे के सबूत भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि यह मामला दहेज अपराध कानून की प्रासंगिकता और आवश्यकताओं को दर्शाता है।











