दिल्ली में अटल कैंटीन का सफल शुरुआत और व्यापक प्रभाव
दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई ‘अटल कैंटीन’ ने अपने पहले दो दिनों में ही बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें कुल 33,392 लोगों ने मात्र पांच रुपये में पौष्टिक भोजन का आनंद लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर इन कैंटीनों का उद्घाटन किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मजदूरों, शहरी गरीबों और कमजोर वर्गों को सस्ती और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में दिल्ली के कई इलाकों में 45 सफलतापूर्वक संचालित अटल कैंटीनें मौजूद हैं। लाभार्थी दोपहर 11.30 से 2.00 बजे तक लंच और शाम 6.30 से रात 9.00 बजे तक डिनर का लाभ उठा सकते हैं।
पहले दो दिनों में मिली शानदार प्रतिक्रिया और योजना का विस्तार
अटल कैंटीन के पहले दिन यानी गुरुवार को 17,587 लोगों ने भोजन किया, जिनमें से 8,604 ने लंच और 8,983 ने डिनर का आनंद लिया। दूसरे दिन शुक्रवार को भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और अब तक 15,805 लाभार्थियों ने भोजन प्राप्त किया है। इनमें से 10,696 लोग दोपहर का भोजन और 5,109 लोग रात का खाना खा चुके हैं। इन दो दिनों का कुल आंकड़ा 33,392 पहुंच गया है, जो इस योजना की सफलता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी के हर कोने में कुल 100 अटल कैंटीनें खोली जाएं, जिनमें से पहले चरण में 45 कैंटीनें शुरू की जा चुकी हैं। शेष 55 कैंटीनें अगले 15 से 20 दिनों में शुरू कर दी जाएंगी, विशेष रूप से उन इलाकों में जहां मजदूर और कमजोर वर्ग अधिक संख्या में रहते हैं।
गरीबों और मजदूरों के लिए राहत का बड़ा कदम
मौजूदा महंगाई के दौर में सिर्फ पांच रुपये में पौष्टिक भोजन मिलना दिल्ली के दिहाड़ी मजदूरों और बेघर लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने भोजन की गुणवत्ता और पोषण पर विशेष ध्यान दिया है। कैंटीन का समय भी मजदूरों की सुविधा के अनुसार तय किया गया है, जिससे वे दिनभर मेहनत करने के बाद सस्ते और स्वस्थ भोजन का लाभ उठा सकें। यह पहल उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जो रात को सस्ते भोजन की तलाश में रहते हैं। इस योजना से न केवल गरीबों को राहत मिल रही है, बल्कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाई जाए।










