दिल्ली की सत्र अदालत का कुत्तों की रिहाई में लापरवाही पर फैसला
दिल्ली की एक न्यायालय ने संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर (SGACC) को आदेश का उल्लंघन करने के कारण 5000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरभि शर्मा वत्स ने स्पष्ट किया कि अभी भी कई कुत्ते सेंटर में ही हैं, जबकि 10 में से केवल आठ कुत्तों को ही वापस किया गया है। अदालत ने इस मामले में बार-बार हो रही अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त की है।
कुत्तों की रिहाई में देरी और अदालत का कड़ा रुख
सुनवाई के दौरान अदालत ने देखा कि रिहाई के आदेश के बावजूद कई कुत्ते अभी भी सेंटर में ही हैं। न्यायाधीश ने कहा कि यह लापरवाही दर्शाती है कि सेंटर ने कोर्ट के निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं किया है। इस कारण से अदालत ने सेंटर पर जुर्माना लगाने का फैसला किया। यह कदम उस गंभीरता को दर्शाता है, जिसमें न्यायपालिका जानवरों की देखभाल और उनके अधिकारों को लेकर ले रही है।
अधिकारियों की अनदेखी और सुधार की आवश्यकता
यह मामला इस बात को उजागर करता है कि जानवरों की देखभाल में लापरवाही कितनी गंभीर हो सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से यह संदेश भी जाता है कि जानवरों के अधिकारों का सम्मान करना और उनकी सही देखभाल सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार और संबंधित संस्थानों को इस दिशा में सुधार करने की आवश्यकता है।











