दिल्ली पुलिस का साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा खुलासा
साउथ-वेस्ट जिले की साइबर थाना टीम ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दिल्ली और मुंबई के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह लोगों को आकर्षक मुनाफे का लालच देकर उनकी वित्तीय हानि पहुंचाता था।
धोखाधड़ी का तरीका और पुलिस की जांच
जांच के दौरान पता चला कि यह गिरोह दिल्ली के रोहिणी और नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) जैसे इलाकों में अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उन्होंने नकली बैंक खातों का निर्माण कर उन्हें साइबर अपराधियों को सप्लाई किया। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया जाता था, और पैसा कई खातों से घूमते हुए मुंबई पहुंचता था।
फर्जी ऑफिस और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
पुलिस ने यह भी पाया कि NSP में एक नकली कार्यालय स्थापित किया गया था, जिसका मुख्य काम नकली बैंक खाते खोलना और उन्हें साइबर अपराधियों को देना था। गिरफ्तार आरोपियों में तजिंदर सिंह, आशीष सैनी, शिव दयाल सिंह, शिवा और गिरिराज किशोर शामिल हैं। इसके बाद, राजस्थान के बिजाई नगर में छापेमारी कर चार और आरोपियों—रामदेव सांगला, प्रवीण कुमावत, दीपक मेवाड़ा और त्रिलोक चंद नायक—को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह भारत में फर्जी खातों का प्रबंधन करता था और इन्हें मुंबई में बैठे ‘PK’ नामक व्यक्ति के माध्यम से कंबोडिया में मौजूद मास्टरमाइंड्स तक पहुंचाता था।









