दिल्ली एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी से उड़ानें प्रभावित
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में आई तकनीकी खामी के कारण सैकड़ों उड़ानें विलंबित हो गईं। एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि इस समस्या को जल्द ही ठीक कर लिया गया है और विमानों का स्वचालित संचालन फिर से शुरू हो चुका है। इस तकनीकी खराबी के कारण हवाई अड्डे पर यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा, और कई उड़ानें देरी से रवाना हुईं।
तकनीकी समस्या का समाधान और स्थिति सामान्य होने की उम्मीद
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने देर शाम तक इस तकनीकी खराबी को दूर कर लिया है। अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) और मूल उपकरण निर्माता (OEM) की मदद से इस समस्या का समाधान किया। बयान में कहा गया है कि अभी भी कुछ कार्य बाकी हैं, जिससे थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन ऑटोमैटिक सिस्टम फिर से चालू हो रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
मैन्युअल संचालन से उड़ानें और यात्रियों का अनुभव प्रभावित
ऑटोमैटिक सिस्टम के बंद होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को मैन्युअल रूप से फ्लाइट प्लानिंग करनी पड़ी, जिससे उड़ानों में देरी हुई और एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि मैन्युअल प्रक्रिया में अधिक समय लगता है, जिससे उड़ान संचालन में विलंब होता है। इसके अलावा, मौसम संबंधी आंकड़ों को एकत्र करने वाले ऑटोमैटिक टर्मिनल इंफॉर्मेशन सिस्टम (ATIS) पर भी इसका असर पड़ा, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों और बार-बार रद्दीकरण का सामना करना पड़ा।










