दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा पर पहुंचा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है, जहां तापमान में गिरावट और कोहरे के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 14 AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) स्टेशनों को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, नोएडा भी प्रदूषण के मामले में गंभीर स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
प्रदूषण का प्रभाव और सबसे प्रभावित क्षेत्र
विशेष रूप से नेहरू नगर (लाजपत नगर) सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है, जहां AQI का स्तर 436 तक पहुंच चुका है। सिरीफोर्ट भी इस श्रेणी में शामिल है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि AQI 400 से ऊपर चला गया है। ये क्षेत्र ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं, जो न केवल सामान्य लोगों के लिए बल्कि पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।
मौसम में बदलाव और प्रदूषण का बढ़ना
मौसम में हो रही बदलाव के कारण तापमान में गिरावट और कोहरे की स्थिति ने प्रदूषण को और बढ़ा दिया है। कम तापमान और धीमी हवा की गति के कारण प्रदूषक तत्व सतह के पास जमा हो जाते हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। यह स्थिति खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए अत्यंत खतरनाक है।
इसके अलावा, नोएडा जैसे शहर भी प्रदूषण के गंभीर स्तर की ओर बढ़ रहे हैं, जहां AQI 400 के पार जाने की आशंका है। यह स्थिति आसपास के लाखों निवासियों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है।











