सेलिना जेटली का भाई विक्रांत जेटली के साथ संबंध और वर्तमान स्थिति
हिंदी फिल्म उद्योग की प्रसिद्ध अभिनेत्री सेलिना जेटली ने अपने भाई विक्रांत जेटली के प्रति गहरी भावनाएँ व्यक्त की हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह अपने भाई के साथ अंतिम सांस तक खड़ी रहेंगी। यह बयान तब आया है जब उनके भाई, जो इस समय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत में हैं, उनसे बात करने से इनकार कर चुके हैं।
भाई की हिरासत और सेलिना का समर्थन
सेलिना जेटली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने भाई के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए विस्तृत नोट लिखा। उन्होंने बताया कि आखिरी बार उन्होंने अपने भाई से 23 अगस्त 2024 को बात की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद 6 सितंबर 2024 को उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके भाई को मई 2025 तक गुप्त तरीके से हिरासत में रखा गया है, और उसके बाद उन्हें मध्य पूर्व के एक डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वे लगभग 18 महीने से बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के बंद हैं।
विक्रांत जेटली की हिरासत और कानूनी प्रयास
विक्रांत जेटली वर्तमान में यूएई में हिरासत में हैं और उनके खिलाफ कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाए गए हैं। सेलिना जेटली ने अपने भाई से बात न करने के फैसले को लेकर कहा कि वह यह नहीं कह सकतीं कि हिरासत में उन्हें क्या बताया गया है। उनका मानना है कि उनका भाई बहुत प्रोटेक्टिव है और संभवतः वह उन्हें मानसिक और आर्थिक तनाव से बचाने के लिए ऐसा कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसी भी बंदी के फैसले को उसके हालात के संदर्भ में समझना चाहिए।
सेलिना ने यह भी बताया कि उनके भाई ने कई बार अन्य परिवार के सदस्यों से भी बात करने से इनकार किया है। उनकी सबसे बड़ी चिंता उनके भाई की शारीरिक और मानसिक स्थिति को लेकर है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो याचिका दायर की थी, वह अपने लिए नहीं बल्कि अपने भाई से मिलने और यह सुनिश्चित करने के लिए थी कि उन्हें सही कानूनी सहायता मिल सके।
हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने सेलिना जेटली की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अपने भाई तक पहुंच की मांग की थी। अदालत में भारतीय दूतावास की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें बताया गया कि विक्रांत जेटली ने दोहराया कि वह अपनी बहन से बात नहीं करना चाहते हैं।
इस मामले में केंद्र सरकार ने भी अपने प्रयास जारी रखे हैं। सरकार ने एक लॉ फर्म को उनके प्रतिनिधित्व के लिए नियुक्त किया है, जिसमें जरूरत पड़ने पर मुफ्त कानूनी सहायता भी शामिल है।











