सीबीआई ने 36 साल पुराने रुबैया सईद अपहरण मामले में बड़ी कार्रवाई की
सीबीआई ने श्रीनगर के इशबर निशात क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है, जो 36 वर्षों से चर्चित रुबैया सईद किडनैपिंग केस से जुड़ी है। इस आरोपी पर 8 दिसंबर 1989 को हुई इस अपहरण की घटना में शामिल होने का आरोप है। यह मामला उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था, जब तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद को जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के आतंकवादी समूह जेकेएलएफ (JKLF) ने अगवा कर लिया था।
मामले का इतिहास और वर्तमान स्थिति
रुबैया को पांच दिन बाद रिहा किया गया था, जब केंद्र सरकार ने आतंकवादियों की मांग मानते हुए जेकेएलएफ के पांच सदस्यों को छोड़ दिया था। उस समय यह निर्णय विवादों में रहा था। वर्तमान में रुबैया सईद तमिलनाडु (Tamil Nadu) में रहती हैं और इस केस में सीबीआई की गवाह हैं। 1990 के दशक की शुरुआत में सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
आरोपी यासीन मलिक और जांच का वर्तमान चरण
इस मामले में यासीन मलिक मुख्य आरोपियों में से एक हैं, जिन्हें मई 2023 में एक विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने टेरर फंडिंग के मामले में सजा सुनाई थी और फिलहाल तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद हैं। सीबीआई के अनुसार, हाल ही में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। एजेंसी अब उससे केस से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इतने वर्षों बाद भी इस केस की जांच जारी है और जिनके खिलाफ भी भूमिका पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के बाद इस मामले में फिर से हलचल तेज हो गई है, और सुरक्षा एजेंसियां इस पुराने किडनैपिंग केस के सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही हैं।











