दिल्ली में वायु प्रदूषण का बढ़ता संकट और GRAP 3 प्रतिबंधों का अपडेट
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट देखी जा रही है। ठंड के मौसम के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर हर साल चरम पर पहुंच जाता है, और इस वर्ष भी स्थिति सामान्य से अलग नहीं है। रविवार की सुबह इस सीजन की सबसे अधिक प्रदूषित सुबह रही, जब दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 तक पहुंच गया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए बैठक और वर्तमान स्थिति
प्रदूषण से निपटने और नियंत्रण के उपायों पर चर्चा के लिए कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की बैठक हुई। इस बैठक में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान हालात में ग्रैप स्टेज 3 लागू करने की आवश्यकता नहीं है। सुबह के समय दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में थी, और AQI 391 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। उस समय पूरे शहर में धुंध का माहौल था और तापमान भी 11.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जो सामान्य से काफी कम है।
आगे की योजना और मौजूदा उपाय
मौसम और AQI के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए, CAQM की सब-कमेटी ने कहा कि सुबह 10 बजे AQI का औसत 391 था, जो शाम को घटकर 370 और फिर 365 पर आ गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और IITM की रिपोर्ट भी संकेत कर रही है कि आने वाले दिनों में AQI बहुत खराब श्रेणी में ही रहेगा। फिलहाल, ग्रैप स्टेज 3 लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में जो उपाय स्टेज 1 और स्टेज 2 के तहत चल रहे हैं, वही जारी रहेंगे, और स्थिति पर नजर रखी जाएगी ताकि आवश्यकतानुसार कदम उठाए जा सकें।










