दिल्ली में केजरीवाल सरकार के आवास रेनोवेशन में बड़ा घोटाला
दिल्ली विधानसभा में सोमवार को भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें आम आदमी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान उनके आधिकारिक आवास ‘6, फ्लैगस्टाफ रोड’ के नवीनीकरण का खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर कुल 33.66 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो अनुमानित लागत से 342 प्रतिशत अधिक था।
कैग रिपोर्ट में खुलासे और खर्च का विश्लेषण
यह रिपोर्ट, जो 2022 की है, पहले विधानसभा में नहीं रखी गई थी, लेकिन अब दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बंगले के नवीनीकरण पर किए गए कुल खर्च में से 18.88 करोड़ रुपये उच्च गुणवत्ता, कला, प्राचीन वस्तुएं और सजावट पर खर्च किए गए। अरविंद केजरीवाल 2015 से 2024 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे, और इस प्रोजेक्ट ने राजनीतिक विवादों को जन्म दिया। भाजपा ने इसे ‘शीश महल’ करार देते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, और फरवरी 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा रहा।
खर्च और प्रक्रिया में अनियमितताएं उजागर
कैग रिपोर्ट में दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि कई चरणों में सीमित निविदा प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पर्याप्त कारण नहीं दर्शाए गए थे। इसके अलावा, कंसल्टेंसी फर्मों के चयन में भी पारदर्शिता का अभाव पाया गया। लागत निर्धारण में अनियमितताएं सामने आईं, जैसे कि एक साल पुराने रेट का उपयोग कर उसे 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया, जिससे कुल लागत में वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बंगले के नवीनीकरण के दौरान काम के दायरे में बड़े बदलाव किए गए और कई अतिरिक्त कार्य जोड़े गए, जिन पर 18.88 करोड़ रुपये खर्च हुए। इन खर्चों का कोई स्पष्ट औचित्य नहीं दिया गया। लागत में वृद्धि के कारण प्रारंभिक अनुमान को चार बार संशोधित किया गया, और बाद में 25.80 करोड़ रुपये का काम बिना नई निविदा प्रक्रिया के उसी ठेकेदार से कराया गया, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई।
इसके अतिरिक्त, स्टाफ ब्लॉक और कैंप ऑफिस से जुड़े प्रोजेक्ट में भी अनियमितताएं पाई गईं। इन कार्यों के लिए 19.87 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया, लेकिन सीमित निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। स्वीकृत धनराशि का उपयोग अन्य कार्यों में किया गया, जैसे कि स्टाफ क्वार्टर का निर्माण नहीं हुआ और सात सर्वेंट क्वार्टर को कहीं और बना दिया गया। कैंप ऑफिस को भी अधूरा छोड़ दिया गया, और जून 2023 में पैसे की कमी के कारण काम बंद कर दिया गया।










