बिहार के बॉडीबिल्डर राजकुमार की प्रेरणादायक कहानी
कहते हैं कि प्रतिभा किसी भी पहचान की मोहताज नहीं होती, लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि महानतम हुनर भी गुमनामी की चादर में छुप जाता है। बिहार के छपरा जिले से ताल्लुक रखने वाले बॉडीबिल्डर राजकुमार की कहानी इन दिनों लोगों के दिल को छू रही है और उन्हें प्रेरित कर रही है। उन्होंने अपने जीवन में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते हैं, फिर भी आज भी अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए दिल्ली की सड़कों पर नान का ठेला लगाते हैं। राजकुमार ने मिस इंडिया (Mr India) का खिताब भी अपने नाम किया है, जो उनकी मेहनत और लगन का प्रमाण है।
सपने देखने और उन्हें पूरा करने का जज्बा
राजकुमार का जन्म और पालन-पोषण गरीबी में हुआ। बचपन में घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कई बार भूख और पैसे की तंगी के कारण उनकी मां ने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। आर्थिक संकट के कारण उनका बचपन संघर्षों से भरा रहा। बचपन से ही उनका सपना था कि वह बॉडीबिल्डिंग में नाम कमाएं, लेकिन पैसे की कमी के कारण वह कभी जिम नहीं जा सके। जब उन्होंने दिल्ली में नान का ठेला लगाना शुरू किया, तो धीरे-धीरे कुछ पैसे जमा हो गए और वह जिम जाने के काबिल हो सके। राजकुमार बताते हैं कि पहली बार जिम उन्होंने 38 साल की उम्र में ज्वाइन किया।
बड़ी उम्र में भी हासिल की सफलता
जिम में कदम रखने के बाद उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। उनके जुनून और मेहनत को देखकर जिम के प्रशिक्षक ने उन्हें मुफ्त में ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और सफलता हासिल की। 2016 में उन्होंने जिम जाना शुरू किया और 2023 में अपने पहले बड़े प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें उन्होंने मिस हिमालय (Mr Himalaya) का खिताब जीता। उसी वर्ष उन्होंने मिस दिल्ली (Mr Delhi) प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, उन्होंने 2023 में मिस नॉर्थ इंडिया (Mr North India) जूनियर और सीनियर दोनों श्रेणियों में खिताब जीते और मिस इंडिया क्लासिक (Mr India Classic) का भी जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में ताज पहना।











