उत्तर प्रदेश में फास्ट फूड से छात्रा की मौत का मामला
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें 11वीं कक्षा की एक छात्रा की मौत का कारण अत्यधिक जंक फूड का सेवन बताया गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता की लहर दौड़ा दी है। छात्रा की मौत दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि लंबे समय तक फास्ट फूड खाने से उसकी आंतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
छात्रा का फास्ट फूड की आदत और स्वास्थ्य संकट
जानकारी के अनुसार, छात्रा अमरोहा के नगर कोतवाली क्षेत्र के अफगान मोहल्ले की निवासी थी। उसके परिवार का कहना है कि उसे चाउमीन, मैगी, पिज़्ज़ा और बर्गर जैसे जंक फूड खाने की आदत थी। पिछले कुछ समय से उसकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके कारण उसे पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब उसकी स्थिति और भी गंभीर हो गई, तो उसे दिल्ली के एम्स अस्पताल रेफर किया गया।
फास्ट फूड का प्रभाव और मेडिकल प्रयास
डॉक्टरों का मानना है कि फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से छात्रा की आंतों में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी। उसकी आंतों को साफ करने के लिए सर्जरी भी की गई, लेकिन इसके बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गई। एम्स के चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में फास्ट फूड को ही छात्रा की बिगड़ती हालत और मौत का मुख्य कारण माना है। यह घटना बच्चों और किशोरों में जंक फूड की बढ़ती आदतों के प्रति गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।











