यमुना नदी की सफाई के लिए केंद्रीय प्रयास और बजट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यमुना नदी की स्वच्छता से जुड़ी 19 परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिनकी कुल लागत लगभग 1816 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यमुना नदी के प्रदूषण को कम करना और नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से नदी की सफाई का कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
पूर्व सरकारों की अनदेखी और नई योजनाएं
अमित शाह ने अपने भाषण में पिछली अरविंद केजरीवाल सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने यमुना नदी की सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने नदी की स्वच्छता का वादा तो किया, लेकिन उसे पूरा करने में असफल रहे। खासतौर पर, जब मुख्यमंत्री केजरीवाल ने नदी में डुबकी लगाने का वादा किया था, तो वह भी पूरा नहीं हो पाया। शाह ने कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नदी की सफाई के लिए नई योजनाएं लागू कर रही हैं।
यमुना नदी की सफाई के लिए नई पहल और भविष्य की योजनाएं
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी यमुना की सफाई के लिए केंद्र सरकार की सहायता का सदुपयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि सरकार ने 22 बड़े और 200 छोटे नालों का ड्रोन और भौतिक सर्वेक्षण कर नदी की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री ने 1816 करोड़ रुपये की लागत से 18 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का विस्तार और नए जलाशयों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाना और नदी के किनारे बसे इलाकों में स्वच्छता सुनिश्चित करना है।










