विश्व का सबसे बड़ा 210 टन वजनी शिवलिंग गोपालगंज से पूर्वी चंपारण के केसरिया पहुंचा
गौपालगंज से पूर्वी चंपारण के केसरिया तक विश्व का सबसे विशाल 210 टन वजनी शिवलिंग यात्रा कर रहा है। यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित हुआ है और 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। पूजा-अर्चना के बाद इसकी यात्रा शुरू हुई, जिसे देखने और स्वागत के लिए श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस भव्य मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2030 तक पूरा होने की योजना है।
श्रद्धालुओं का उत्साह और शिवलिंग का स्वागत
शिवलिंग के दर्शन और पूजा के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। हर जगह श्रद्धालु हाथ जोड़कर खड़े थे और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया था। गोपालगंज में आम नागरिकों के साथ-साथ कई संत और श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक शिवलिंग के स्वागत में पहुंचे। उत्तर प्रदेश के हनुमानगढ़ी से जुड़े श्रद्धालु और संत भी गोपालगंज के बॉर्डर तक इस अद्भुत शिवलिंग का स्वागत करने के लिए आए थे।
शिवलिंग का महत्व और निर्माण कार्य
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह शिवलिंग केवल एक पत्थर का आकार नहीं, बल्कि एक महान संकल्प और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय किशोर कुणाल का सपना था कि ऐसा शिवलिंग बने, जिसके दर्शन और जलाभिषेक से 1008 शिवलिंग के पूजन का पुण्य प्राप्त हो सके। आज यह सपना साकार हो रहा है। यह शिवलिंग महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा बनवाया गया है, और ट्रस्ट की टीम पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही है।
विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2030 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद यह भव्य मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।










