बिहार विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना पर हंगामा
बिहार विधानसभा में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। इस बार विपक्ष की बजाय सत्तापक्ष के विधायकों ने ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। इस नाराजगी ने बिहार सरकार के प्रशासनिक पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायकों ने योजना में गड़बड़ी और वसूली का आरोप लगाया
सदस्यों ने आरोप लगाया कि लाभार्थियों के चयन में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। रीगा से विधायक ने कहा कि जमीनी स्तर पर लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ी की जा रही है, जिससे असली जरूरतमंदों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास मित्रों की मदद से लाभार्थियों की सूची में हेरफेर किया जा रहा है।
सरकार ने दी सफाई, कहा सर्वेक्षण के आधार पर पात्रों की पहचान हुई
बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री ने सदन को बताया कि पूरे राज्य में कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर करीब एक करोड़ चार लाख नब्बे हजार पात्र लोगों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है और यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बिहारशरीफ से विधायक ने आरोप लगाया कि लाभार्थियों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। बीजेपी विधायक ने दावा किया कि कई जगह वसूली करीब 25 प्रतिशत तक हो रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारी इन मामलों की लिखित शिकायत प्राप्त कर सकते हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।









