बिहार चुनाव में सीटों का बंटवारा जटिल स्थिति में
बिहार विधानसभा चुनाव के मुकाबले में दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच सीटों के वितरण को लेकर खींचतान जारी है। जहां एनडीए का मामला कुछ हद तक स्पष्ट दिख रहा है, वहीं महागठबंधन में भी सीटों के बंटवारे को लेकर असमंजस बना हुआ है। उम्मीदवारों की घोषणा में सक्रिय भूमिका निभा रहे प्रशांत किशोर ने दूसरी सूची भी जारी कर दी है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
एनडीए में सीटों का फॉर्मूला और असंतोष
एनडीए की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित होने के बाद भी, सीटों के बंटवारे के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इसमें बीजेपी और जेडीयू को 101-101 सीटें मिलनी तय हुई हैं, जबकि चिराग पासवान को 29 और जीतनराम मांझी व उपेंद्र कुशवाहा को 6-6 सीटें दी जाने की बात सामने आई है। इन निर्णयों के बाद भी, उपेंद्र कुशवाहा अपने तेवर दिखाने से नहीं चूक रहे हैं।
महागठबंधन में अभी भी अनिश्चितता
वहीं, महागठबंधन में भी सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। तेजस्वी यादव, लालू यादव और राबड़ी देवी के साथ IRCTC केस को लेकर बैठकें हो रही हैं, जिनमें कांग्रेस नेताओं के साथ भी चर्चा हो रही है। मुख्य मुद्दा अभी भी महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा तय करना है, जो अभी तक सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री पद का चेहरा और राजनीतिक समीकरण
बिहार में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम अभी भी अटकलों में है। सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव को इस पद का दावेदार माना जा रहा है, लेकिन कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक समर्थन नहीं मिला है। पार्टी के नेता इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने से बच रहे हैं, जबकि राहुल गांधी भी इस सवाल को टालते नजर आ रहे हैं।
राहुल गांधी का रुख और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप
IRCTC घोटाले में तेजस्वी यादव, उनके पिता लालू यादव और मां राबड़ी देवी पर आरोप तय होने के बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी का موقف भी चर्चा में है। राहुल गांधी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे भ्रष्टाचार के मामलों में तेजस्वी यादव का समर्थन नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति में, सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव के साथ खड़े रहेंगे या नहीं।
राजनीतिक समीकरण और आगामी चुनौतियां
राहुल गांधी और लालू यादव के बीच पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है, खासकर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर। तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ने के साथ ही, कांग्रेस का रुख भी महत्वपूर्ण हो गया है। यदि तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट फाइल होने के बाद राहुल गांधी उनका समर्थन करते हैं, तो यह बिहार की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।











