बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से पहले राजनीतिक हलचल तेज
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के एक दिन पहले ही राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें मतगणना के दौरान सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। इस बैठक का उद्देश्य मतगणना के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना और निष्पक्षता सुनिश्चित करना था।
महागठबंधन की बैठक में रणनीति और सतर्कता पर चर्चा
बैठक में भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी और अन्य सहयोगी दलों के नेता भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मतगणना के दौरान एजेंटों की तैनाती, संभावित रुझानों पर रणनीति और प्रशासनिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। तेजस्वी यादव ने इस बैठक के बाद कहा कि वे 2020 जैसी गड़बड़ी दोहराने नहीं देंगे। उस समय महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल रहा था, लेकिन कुछ अधिकारियों की मनमानी से परिणाम बदल दिए गए थे। इस बार ऐसी स्थिति नहीं होने दी जाएगी।
निर्णायक भूमिका निभाएंगी मतगणना और जनता का समर्थन
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता सुनिश्चित करने की अपील की और कहा कि यदि कोई अधिकारी सीमा लांघता है या राजनीतिक दबाव में काम करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता ने एनडीए को बाहर करने का मन बना लिया है और जनता का जनादेश स्पष्ट है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि महागठबंधन के सभी एजेंट और कार्यकर्ता मतगणना केंद्रों पर पूरी सतर्कता से डटे रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की धांधली या देरी को तुरंत पहचाना जा सके। उन्होंने सभी गठबंधन दलों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल चुनाव आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।










