तेजस्वी यादव का 20 महीने में 3 करोड़ सरकारी नौकरियों का वादा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने एक बड़ा और विवादास्पद वादा किया है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो हर परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी। तेजस्वी ने यह भी कहा कि उन्होंने 20 दिनों में कानून बनाने और 20 महीनों में इसे लागू करने का लक्ष्य रखा है।
वास्तविकता और आंकड़ों का विश्लेषण
बिहार की वर्तमान जनसांख्यिकी के अनुसार, राज्य की आबादी लगभग 13.10 करोड़ है, जिसमें से करीब 2.76 करोड़ परिवार हैं। 2023 के जातिगत सर्वे के अनुसार, राज्य में लगभग 20 लाख लोग सरकारी नौकरी में हैं, जो कुल आबादी का केवल 1.57 प्रतिशत है। वर्तमान में बिहार में सरकारी कर्मचारियों की संख्या लगभग 48 लाख है, जिन पर सरकार का सालाना खर्च करीब 50,000 करोड़ रुपये है।
क्या संभव है 3 करोड़ नौकरियों का वादा?
2025 में कुल रिक्तियों की संख्या लगभग 64,559 बताई जा रही है, जो विभिन्न विभागों में बंटी हैं। यदि तेजस्वी यादव का दावा है कि वे 20 महीनों में 3 करोड़ नौकरियां देंगे, तो यह आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से असंभव है। वर्तमान में बिहार में सालाना 50,000 से 1 लाख नई नौकरियों का सृजन होता है, जो भीषण आर्थिक बोझ और संसाधनों की कमी को दर्शाता है।
आर्थिक बोझ और बजट का विश्लेषण
यदि 2.25 करोड़ नौकरियां दी जाती हैं, तो इसका अनुमानित खर्च लगभग 7.52 लाख करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगा, जो बिहार के कुल बजट से कई गुना अधिक है। बिहार का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 10.97 लाख करोड़ रुपये है, और इस खर्च का प्रतिशत 68.5 प्रतिशत है, जो आर्थिक रूप से असंभव है। वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों पर सालाना खर्च लगभग 50,000 करोड़ रुपये है, और 2.25 करोड़ नौकरियों का यह खर्च 150 गुना से भी अधिक है।
वास्तविकता और राजनीतिक प्रभाव
तेजस्वी यादव का यह वादा चुनावी जुमला बनकर रह सकता है, क्योंकि इसकी व्यावहारिकता बहुत कम है। यह वादा न केवल वित्तीय दृष्टि से असंभव है, बल्कि यह प्रशासनिक और संसाधनों की कमी को भी उजागर करता है। भर्ती प्रक्रिया में वर्षों लगते हैं, और वर्तमान में बिहार में बैकलॉग की समस्या भी बनी हुई है। इस तरह के वादे युवाओं में अविश्वास पैदा कर सकते हैं और राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।










