तेज प्रताप यादव का राजनीतिक दृष्टिकोण और नई पार्टी
बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी राजनीतिक यात्रा में अब किसी भी कीमत पर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आरजेडी में पुनः शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं है, बल्कि उन्होंने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (Janta Shakti Janata Dal) का गठन किया है। महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे तेज प्रताप ने यह भी बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा है, न कि सत्ता का लालच।
सिद्धांत और आत्मसम्मान को प्राथमिकता
तेज प्रताप यादव ने अपने बयान में कहा कि वह सत्ता के भूखे नहीं हैं, बल्कि अपने सिद्धांतों और आत्मसम्मान को सर्वोपरि मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के आशीर्वाद से ही चुनाव जीतेंगे, न कि किसी पार्टी के नाम या प्रतिष्ठा से। अपने छोटे भाई और बिहार के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि नेता केवल घोषणाएं करते हैं, लेकिन असली सत्ता जनता का आशीर्वाद ही तय करता है।
तेजस्वी यादव और परिवार का समर्थन
तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के प्रति अपने प्रेम और सम्मान का इजहार किया। उन्होंने कहा कि वह उनके प्रति नाराज नहीं हैं और उनका आशीर्वाद सदैव उनके साथ रहेगा। साथ ही, उन्होंने अपने नामांकन पत्र में अपनी दादी मारीचिया देवी की तस्वीर लगाने का जिक्र किया और कहा कि उनके पिता को राजनीति में आशीर्वाद उन्हीं का मिला था। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से आशीर्वाद लिया है, तो उन्होंने कहा कि उनके साथ बात नहीं हो पाई है, लेकिन उन्हें पता है कि उनके आशीर्वाद सदैव उनके साथ हैं।
चुनावी माहौल और जनता का समर्थन
महुआ में चुनाव प्रचार के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह जनता के बीच हैं और वहीं से अपनी ताकत प्राप्त करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ एक बुजुर्ग स्वतंत्रता सेनानी भी यात्रा कर रहे हैं, जिन्होंने महात्मा गांधी को अपनी आंखों से देखा है। उन्होंने कहा कि उनका साथ उनके लिए आशीर्वाद से कम नहीं है। एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब जनता बीजेपी-आरएसएस के षड्यंत्रों में फंसने वाली नहीं है। उनका मानना है कि लोग बदलाव चाहते हैं और वे जनता की सेवा के लिए राजनीति में हैं।
प्रशांत किशोर और राजनीतिक उद्देश्य
प्रशांत किशोर पर सवाल उठाते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह केवल एक व्यापारी हैं, जो राजनीतिक दलों के प्रचार और संसाधन जुटाने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता के मुद्दों को उठाना है। तेज प्रताप ने कहा कि वह सत्ता की राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि जनता की सेवा के लिए मैदान में हैं। उन्होंने अपने को सिद्धांतों का पालन करने वाला नेता बताया और कहा कि जनता का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
राजनीति में नई दिशा और व्यक्तिगत विचार
तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि वह अपने पिता लालू यादव और परिवार से नाराज नहीं हैं, बल्कि अपनी अलग राह चुन चुके हैं। उनका मानना है कि राजनीति में रिश्तों से ज्यादा महत्वपूर्ण जनता का भरोसा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे। बिहार की राजनीति में यह बयान एक नई दिशा लेकर आया है, जो दर्शाता है कि तेज प्रताप अब पूरी तरह स्वतंत्र और अपने सिद्धांतों पर आधारित राजनीतिक राह पर चल पड़े हैं।










