शरजील इमाम ने बिहार चुनाव से किया अपना नाम वापस
दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों में से एक पूर्व जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने तिहाड़ जेल से ही बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाग न लेने का फैसला किया है। उन्होंने यह निर्णय अपनी जमानत याचिका खारिज होने के बाद लिया, जो दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी।
जमानत न मिलने के कारण लिया गया निर्णय
शरजील इमाम ने जेल से जारी अपने बयान में कहा कि उनकी जमानत याचिका 2 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट में खारिज कर दी गई और 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली। इस निराशाजनक स्थिति ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं, क्योंकि वे बिहार चुनाव लड़ने के लिए जेल से रिहा होने की योजना बना रहे थे। जमानत न मिलने के कारण, उन्होंने अपने चुनावी अभियान से पीछे हटने का फैसला किया है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की स्थिति
शरजील ने यह भी बताया कि उनका मामला अक्टूबर के अंत तक स्थगित कर दिया गया है, और उन्हें तब तक जेल में ही रहना पड़ेगा। इससे पहले, उन्होंने बिहार चुनाव के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल की गई अपनी अंतरिम जमानत याचिका भी वापस ले ली थी, जिसे उनकी कानूनी टीम ने तकनीकी कारणों से किया। वर्तमान में, उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, और जब तक फैसला नहीं आ जाता, उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।











