बिहार चुनाव की तिथियों का ऐलान और राजनीतिक गतिविधियां तेज
जैसे ही बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें सार्वजनिक हुईं, राजनीतिक दलों और गठबंधनों में सक्रियता बढ़ गई है। विपक्षी महागठबंधन अब सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श कर रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही यह गठबंधन अपनी सीट शेयरिंग का फॉर्मूला भी घोषित कर सकता है।
वर्तमान में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। हालांकि, इस पर अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। तेजस्वी यादव बिहार में बदलाव का नारा दे रहे हैं, वहीं कांग्रेस की सीटें कितनी मिलेंगी, इस पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
चुनावी रणनीति और प्रमुख नेताओं की भूमिका
राजनीति के विशेषज्ञ और पूर्व रणनीतिकार प्रशांत किशोर नौ अक्टूबर को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि वे स्वयं भी चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने बिहार चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों का नाम भी घोषित कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन में सीट बंटवारे के फॉर्मूले के अनुसार आरजेडी 145 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। वहीं, कांग्रेस को 56 से 58 सीटें मिल सकती हैं, जबकि मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को 18 से 20 सीटें मिल सकती हैं।
चुनाव की प्रक्रिया और परिणाम का समय
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 6 नवंबर को 16 जिलों की 71 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को बाकी सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया का अंत होगा।
राजनीतिक गतिविधियों में तेजी के साथ ही चुनावी माहौल गरम हो गया है, और सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं।











