दलसिंहसराय में महिला ने सहायक जेल अधीक्षक पर आरोप लगाकर खुद को नुकसान पहुंचाया
समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए अपने हाथ की नस काट ली, जिससे वह घायल हो गई। यह घटना शुक्रवार को एसपी कार्यालय के बाहर हुई, जब महिला ने अपने आरोपों को लेकर हंगामा किया। पुलिस तुरंत ही उसे सदर अस्पताल ले गई, जहां उसका उपचार जारी है। यह मामला पिछले कुछ दिनों से जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
महिला का आरोप और घटना का कारण
महिला का आरोप है कि सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार (Aditya Kumar) ने वर्ष 2022 में गया (Gaya) के एक मंदिर में उससे शादी की थी। महिला का कहना है कि शादी के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहे और आदित्य उसके बच्चों से भी अपने बच्चे की तरह प्यार करते थे। लेकिन अब, परिवार के दबाव में आकर अधिकारी उसे अपनाने से इनकार कर रहे हैं।
महिला ने बताया कि बीते शुक्रवार को वह फिर से एसपी कार्यालय पहुंची थी, क्योंकि उसे वहां मुलाकात नहीं मिली। जब उसकी मुलाकात नहीं हुई, तो उसने अपने दोनों हाथों की नसें काट ली। इस घटना से कार्यालय के बाहर अफरातफरी मच गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया। महिला के पास कई फोटो और वीडियो सबूत हैं, जिनमें वह और अधिकारी पति-पत्नी की तरह दिख रहे हैं।
प्रेम प्रसंग और कानूनी जटिलताएँ
महिला का दावा है कि वह 20 नवंबर से सहायक जेल अधीक्षक के सरकारी आवास में रह रही थी। शुरुआत में अधिकारी उसका पूरा ख्याल रखते थे, लेकिन माता-पिता के आने के बाद उनका व्यवहार बदल गया। महिला का आरोप है कि उसके माता-पिता ने उसके विवाह और बच्चों को लेकर आपत्ति जताई, जिसके कारण अधिकारी ने उसे घर से निकाल दिया।
महिला का कहना है कि उसकी पहली शादी से दो बच्चे हैं, और उसने अपने पति से तलाक का मामला भी दर्ज कराया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सहायक जेल अधीक्षक से हुई, और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया।
वहीं, आदित्य कुमार (Aditya Kumar) के पिता का कहना है कि पहली शादी समाप्त हुए बिना दूसरी शादी मान्य नहीं है, और इस मामले में कानूनी प्रक्रिया ही अंतिम निर्णय लेगी। महिला ने न्याय की गुहार लगाई है और कहा है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वह खुद को नुकसान पहुंचा सकती है।
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला को महिला हेल्पलाइन (Women Helpline) में सुरक्षित रखा गया है, और दोनों पक्षों को 4 दिसंबर को बुलाया गया है। घटना के बाद से महिला लगातार न्याय की मांग कर रही है। अब देखना है कि पुलिस जांच के आधार पर आगे क्या कदम उठाती है और इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है।









