बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू का मुस्लिम उम्मीदवार पर भरोसा
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की प्रमुख पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस बार जेडीयू ने पूर्णिया जिले की अमौर विधानसभा सीट से सबा जफर को अपना प्रत्याशी बनाया है। यह सीट मुस्लिम बहुल क्षेत्र है और यहां सबा जफर की लोकप्रियता काफी मजबूत मानी जाती है।
सबा जफर का राजनीतिक अनुभव और चुनावी इतिहास
सबा जफर ने वर्ष 2010 में अमौर सीट जीतकर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई थी। हालांकि, 2015 में वे बीजेपी के टिकट पर चुनाव हार गए थे। फिर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने भाग लिया, लेकिन उस बार भी अख्तरुल ईमान (AIIMS) ने उन्हें परास्त किया। इसके बावजूद, जेडीयू ने इस बार फिर से उन्हें मैदान में उतारा है, जिससे पार्टी को मुस्लिम मतदाताओं के साथ-साथ गैर मुस्लिम वोटरों पर भी भरोसा है।
एनडीए की रणनीति और चुनावी उम्मीदें
जेडीयू ने इस बार भी सबा जफर पर भरोसा जताया है, जो उनके अनुभवी नेता होने के साथ-साथ जमीन पर सक्रियता का भी प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मजबूत कनेक्शन पार्टी की जीत की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं। अमौर सीट पर जेडीयू का यह कदम मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ गैर मुस्लिम मतदाताओं को भी आकर्षित करने का प्रयास है। बिहार चुनाव के दूसरे चरण में इस सीट पर मतदान 11 नवंबर को होगा, और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।









