बिहार विधानसभा चुनाव के बाद लालू परिवार में बढ़ा तनाव
बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी (RJD) की हार के बाद पार्टी और परिवार के बीच राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बन गया है। इस हार के परिणामस्वरूप पार्टी प्रमुख लालू यादव की बेटी और पूर्व लोकसभा उम्मीदवार रोहिणी आचार्य ने अपने राजनीतिक करियर को अलविदा कहने का फैसला किया है। उन्होंने शनिवार को पटना स्थित अपने आवास से बाहर निकलते हुए मीडिया से कहा कि उनका परिवार अब उनका साथ नहीं है और वह जिम्मेदारी नहीं लेना चाहतीं। उन्होंने तेजस्वी यादव और संजय यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे सवाल पूछने पर उन्हें गाली दी जाएगी और चप्पल से पीटा जाएगा।
रोहिणी आचार्य का राजनीतिक संन्यास और परिवार से दूरी
अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद रोहिणी ने सोशल मीडिया (X) पर भी स्पष्ट किया कि वह राजनीति से संन्यास ले रही हैं और अपने परिवार से संबंध तोड़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह कदम उन्होंने तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव और एक अन्य व्यक्ति रमीज की सलाह पर उठाया है। रोहिणी ने लिखा कि वह अब पूरी तरह से अपने परिवार से अलग हो रही हैं और इस निर्णय का पूरा जिम्मा वह स्वयं ले रही हैं।
पारिवारिक विवाद की जड़ और राजनीतिक तनाव
2022 में पिता लालू यादव को किडनी दान देने के बाद से ही रोहिणी और परिवार के बीच तनाव बढ़ने लगा था। उस समय उनके किडनी दान को लेकर सवाल उठे थे, जिन पर वह सार्वजनिक रूप से नाराजगी जता चुकी हैं। तेजस्वी यादव के करीबी और राज्यसभा सांसद संजय यादव की भूमिका भी विवाद का कारण बन गई है। पार्टी के भीतर उनके खिलाफ नाराजगी और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सिलसिला भी जारी रहा। तेजस्वी यादव के साथ-साथ तेज प्रताप यादव के विवादों ने भी परिवार की स्थिति को और बिगाड़ दिया है।










