बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार को पटना में आयोजित एक विशेष मिलन समारोह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं और नए सदस्यों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में आरजेडी (RJD) और कांग्रेस के तीन विधायकों संगीता कुमारी, सिद्धार्थ सिंह और पिंटू कुमार ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ ही पूर्व सांसद सुनील कुमार पिंटू और चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर सुजीत कुमार ने भी बीजेपी की सदस्यता ली।
पार्टी में शामिल होने से बढ़ेगी बीजेपी की ताकत
पटना में आयोजित इस कार्यक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में इन नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ली। माना जा रहा है कि इन नए सदस्यों के शामिल होने से बीजेपी को आगामी चुनावी रणनीति में मजबूती मिलेगी। वहीं, यह घटनाक्रम आरजेडी और कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका भी है, क्योंकि इन विधायकों का पार्टी छोड़ना राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है।
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव और सीट बंटवारा
उधर, बिहार में एनडीए (NDA) के सीट शेयरिंग पर अभी औपचारिक घोषणा बाकी है, लेकिन सीटों का बंटवारा शुरू हो चुका है। जेडीयू (JDU) के उम्मीदवारों को पार्टी का सिंबल सौंपा जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ललन सिंह और संजय झा की मौजूदगी में उम्मीदवारों को पार्टी का चिन्ह प्रदान किया गया। इनमें प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री सुनील कुमार, शैलेश कुमार, दामोदर रावत और रत्नेश सादा शामिल हैं। आगामी दिनों में जेडीयू अपने बाकी उम्मीदवारों को भी सिंबल प्रदान कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी में नए नेताओं का शामिल होना और जेडीयू का सक्रिय होना आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए की रणनीति को मजबूत करेगा। वहीं, बनियापुर से आरजेडी विधायक केदारनाथ सिंह ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। केदारनाथ सिंह पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भाई हैं, और अब वह एनडीए के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।











