अमित शाह का बिहार चुनाव पर कड़ा हमला और राजनीतिक रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने शनिवार को बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। शाह ने दावा किया कि इस चुनाव में भारत (INDIA) गठबंधन की हार तय है, और इसके साथ ही राहुल गांधी की राजनीतिक दुकान बिहार में बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एनडीए (NDA) 243 सदस्यीय विधानसभा में 160 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाने में सफल होगा।
सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठियों को लेकर शाह का आरोप और चुनावी रणनीति
पूर्णिया, कटिहार और सुपौल में लगातार चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और आरजेडी (RJD) के तेजस्वी यादव बिहार के सीमांचल क्षेत्र को “घुसपैठियों का अड्डा” बनाने का प्रयास कर रहे हैं। शाह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “हम हर अवैध प्रवासी का पता लगाएंगे, उनकी पहचान करेंगे, मतदाता सूची से उनका नाम हटाएंगे और उन्हें उनके देश वापस भेजेंगे।” उन्होंने राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर भी हमला बोला, और कहा, “अगर आप नहीं चाहते कि घुसपैठिए बिहार के अगले मुख्यमंत्री का फैसला करें, तो आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन को हराएं, जिसने उन्हें बचाने के लिए यह यात्रा निकाली है।”
बिहार के विकास और राजनीतिक समीकरणों पर शाह का दृष्टिकोण
शाह ने अपने भाषण में बिहार के विकास का रोडमैप भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम रिफाइनरी और अन्य परियोजनाओं के माध्यम से बिहार को एक औद्योगिक केंद्र बनाने की योजना है। इसके साथ ही, नेपाल की नदियों से आने वाले पानी का उपयोग अब किसानों की सिंचाई के लिए किया जाएगा, जो बाढ़ और विनाश को नियंत्रित करने में मदद करेगा। साथ ही, उन्होंने लालू प्रसाद यादव और सोनिया गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता अपने-अपने बेटों तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की चिंता में लगे हैं, और बिहार में न तो और न ही दिल्ली में उनके लिए कोई सीट खाली है।











