बिहार में सरकारी आवासों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज
बिहार की राजनीति में सरकारी आवासों को लेकर एक बार फिर से हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को खाली करने के आदेश के बाद अब उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भी सरकारी घर छोड़ना पड़ेगा। वर्तमान में तेज प्रताप को 26 एम स्ट्रैंड रोड का बंगला आवंटित था, लेकिन ताजा आदेश के अनुसार यह आवास अब नई सरकार में मंत्री बने लखेंद्र कुमार रोशन को सौंप दिया गया है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप
राबड़ी देवी के आवास खाली करने के निर्देशों के बाद आरजेडी ने इस कदम को राजनीतिक बदले की भावना करार दिया है। पार्टी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार बीजेपी के दबाव में फैसले ले रही है। वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि राबड़ी देवी को नया आवास आवंटित किया गया है और उन्हें नियम के अनुसार 10 सर्कुलर रोड का घर खाली करना चाहिए। नीरज कुमार ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले पर नजर रखेगी और लालू परिवार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक बहस का केंद्र बना यह विवाद
यह विवाद अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है। विपक्षी दलों का मानना है कि यह कदम राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है, जबकि सरकार का तर्क है कि नियमों का पालन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी तीखा हो सकता है, क्योंकि राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवाद बिहार की राजनीति में स्थिरता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर सकते हैं।









