प्रशांत किशोर ने बिहार चुनाव में भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार को खुलासा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के दबाव के कारण उनकी पार्टी के तीन उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाकर लोकतंत्र की मूल भावना को नुकसान पहुंचा रही है।
भाजपा का दबाव और लोकतंत्र पर प्रभाव
प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा की ओर से विपक्षी उम्मीदवारों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में लोकतंत्र की हत्या हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सके।
बिहार में राजनीतिक तनाव और चुनावी माहौल
बिहार में इन घटनाओं के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। जदयू (JDU) और राजद (RJD) के बीच तकरार भी तेज हो गई है, जिससे चुनावी प्रक्रिया और भी जटिल हो गई है। प्रशांत किशोर की यह टिप्पणी बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है, और जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है।










