प्रधानमंत्री मोदी की बिहार चुनाव अभियान की शुरुआत कर्पूरी ग्राम से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार की शुरुआत अपने गृह क्षेत्र कर्पूरी ग्राम से की है। इस ऐतिहासिक रैली के माध्यम से वे बिहार के मतदाताओं को अपने संदेश पहुंचाने के साथ ही चुनाव का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मोदी की यह पहली रैली बिहार चुनाव का टोन निर्धारित करेगी, और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं।
कर्पूरी ठाकुर की विरासत का महत्व और मोदी का श्रद्धांजलि
कर्पूरी ठाकुर, जो बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, समाजवादी आंदोलन के प्रमुख नेता थे। उन्होंने दलितों, पिछड़ों और अत्यंत पिछड़े वर्गों (EBC) के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके योगदान का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कर्पूरी ग्राम में उनकी स्मृति स्थल पर फूलमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। यह कदम विपक्ष पर निशाना साधने का भी संकेत है, जहां मोदी ने कहा कि विपक्ष कर्पूरी ठाकुर की विरासत को ‘चुराने’ का प्रयास कर रहा है। बिहार की लगभग 30-35 प्रतिशत आबादी EBC वर्ग से संबंधित है, जो उनके राजनीतिक प्रभाव का बड़ा आधार है।
महागठबंधन की रणनीति और वोट बैंक का खेल
महागठबंधन, जिसमें RJD, कांग्रेस, वाम दल और अन्य छोटे दल शामिल हैं, भी बिहार के EBC वोटरों को अपने पक्ष में लाने के लिए व्यापक रणनीति अपना रहा है। यह वर्ग पारंपरिक रूप से एनडीए का मजबूत आधार रहा है, लेकिन महागठबंधन इस वोट बैंक को मुस्लिम-यादव समीकरण के साथ जोड़कर अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। VIP (विकासशील इंसान पार्टी) के नेता मुकेश सहनी को गठबंधन में शामिल कर और उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद देकर निषाद-मल्लाह समुदाय को अपने साथ लाने की कोशिश की जा रही है। मोदी का कर्पूरी ग्राम से चुनाव अभियान शुरू करना, महागठबंधन की इस रणनीति को कमजोर करने का प्रयास माना जा रहा है।
मोदी का विपक्ष पर वार और चुनावी मुद्दे
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के कर्पूरी ग्राम के बाद बेगूसराय में भी चुनावी रैली को संबोधित किया। इन रैलियों में वे विपक्ष पर विकास, जंगलराज, भ्रष्टाचार और परिवारवाद जैसे मुद्दों पर तीखे प्रहार कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि बिहार में जंगलराज की यादें लोगों के दिलों में ताजा हैं और विपक्ष की हर कोशिश के बावजूद जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे हर बूथ पर मतदान करें और बुजुर्गों को भी जागरूक बनाएं, ताकि जंगलराज की पुरानी कहानियों को फिर से याद किया जा सके।
बिहार चुनाव का टोन सेट करने वाली मोदी की रणनीति
बिहार जाने से पहले ही मोदी ने दिल्ली से ही चुनाव का एजेंडा तय कर दिया है। उन्होंने वर्चुअली ‘बुजुर्गों से संवाद’ और ‘रन फॉर बिहार यूनिटी’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए विकास, विरासत और एकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने लालू यादव के 15 साल के शासनकाल को निशाने पर लिया और कहा कि बिहार में जंगलराज को लोग आने वाले सदनों में भी नहीं भूलेंगे। मोदी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे बूथ पर जाकर मतदान करें और पुरानी जंगलराज की कहानियों को फिर से याद दिलाएं।
विपक्ष पर आरोप और बिहार की वर्तमान स्थिति
प्रधानमंत्री ने 15 सितंबर को पूर्वी चंपारण में रैली के दौरान आरजेडी पर अपराध, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बिहार को लूटा है, जबकि एनडीए सरकार ने इसे संवारने का काम किया। इसी तरह, पूर्णिया में भी उन्होंने विपक्ष की नीतियों को विकास विरोधी बताया और कहा कि बिहार को बाढ़ और गरीबी में छोड़ने वाले विपक्षी दलों का अब कोई स्थान नहीं है। मोदी ने यह भी कहा कि विपक्ष केवल वोट बैंक की राजनीति करता है और बिहार के विकास में बाधा डाल रहा है।









