पटना में ऑनलाइन ठगी का बड़ा खुलासा
पटना की एक सोसायटी में छुपे साइबर अपराधियों के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए और खतरनाक तरीके अपनाए थे। चौथी मंजिल के एक फ्लैट में चल रहे इस जालसाजी के खेल को जानकर हर कोई हैरान रह गया। यहां युवा कर्मचारियों को जाल में फंसाने के लिए 15 से 30 हजार रुपये की सैलरी दी जाती थी, और उनका मुख्य काम था ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से लोगों को ठगना।
पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़
शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 404 में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अंकित कुमार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस छापेमारी में 21 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, कई एटीएम कार्ड, चेक बुक, पासबुक और दो लैपटॉप भी जब्त किए हैं। यह सब संकेत देते हैं कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से ऑनलाइन ठगी कर रहा था।
गिरोह का नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली
पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह का सरगना बिहार के विभिन्न जिलों से युवाओं को लाकर उन्हें इस जाल में शामिल करता था। इन युवाओं को नियमित वेतन के साथ एक फ्लैट में रखकर ऑनलाइन गेमिंग और जुए के नाम पर लोगों को फंसाने का काम सौंपा जाता था। आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और कॉल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। खास बात यह है कि यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाता था, विशेषकर दक्षिण भारत के लोगों को, क्योंकि भाषा और दूरी का फायदा उठाकर पहचान छिपाना आसान होता था।










