बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर रोड का ऐतिहासिक महत्व
पटना के प्रतिष्ठित वीआईपी क्षेत्र में मौजूद 10 सर्कुलर रोड का बंगला पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यह वही आवास है, जहां लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का राजनीतिक कार्यालय चलता रहा, और यहां से राज्य की सत्ता, सरकार और विपक्ष की गतिविधियों पर नजर रखी जाती रही है। लेकिन अब नई एनडीए सरकार ने इस बंगले को राबड़ी देवी से खाली कराने का आदेश जारी किया है। सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया है और इस बंगले की पूरी कहानी क्या है? इस लेख में हम इस विवादित बंगले की ऐतिहासिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करेंगे।
10 सर्कुलर रोड की शुरुआत और राजनीतिक इतिहास
2005 से पहले लालू-राबड़ी की सरकार लगभग डेढ़ दशक तक बिहार की सत्ता में रही। राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री रहते उनका परिवार एक अणे मार्ग के सरकारी आवास में रहता था। नवंबर 2005 में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान एक अणे मार्ग में स्थानांतरित हो गए। इसके बाद राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का आवास आवंटित किया गया, जो मुख्यमंत्री आवास के बिलकुल पास ही था। इस बंगले का राजनीतिक महत्व तब और बढ़ गया जब लालू परिवार ने इसे अपने मुख्य आवास के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया। इस बंगले का इतिहास राजनीतिक संघर्ष, सत्ता परिवर्तन और विवादों से भरा रहा है।
तेजस्वी यादव और हाईकोर्ट का फैसला: बदलते समीकरण
2015 में महागठबंधन सरकार के गठन के बाद तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम का पद मिला और उन्हें 5 देशरत्न मार्ग का सरकारी आवास आवंटित किया गया। लेकिन 2017 में सरकार बदलते ही उन्हें यह बंगला खाली करने का नोटिस मिला। तेजस्वी यादव ने इस मामले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन अदालत ने उन्हें राहत नहीं दी। 19 फरवरी 2019 को हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि तेजस्वी यादव को 5 देशरत्न मार्ग खाली करना होगा, और साथ ही पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला, गाड़ी, सुरक्षा और स्टाफ की सुविधाएं भी समाप्त कर दी गईं। इस फैसले का प्रभाव राबड़ी देवी पर भी पड़ा, हालांकि उस समय वह बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष थीं, इसलिए उनका बंगला सुरक्षित रहा।
नई सरकार का रुख और राबड़ी देवी को आवास
2025 में नई एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने अपने प्रभाव को और मजबूत किया है। मंत्रियों को नए सरकारी आवास दिए जा रहे हैं और प्रशासनिक पुनर्संरचना तेज हो रही है। इसी क्रम में भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष के रूप में नया आवास 39 हार्डिंग रोड आवंटित किया है। अब राबड़ी देवी को अपने पुराने बंगले 10 सर्कुलर रोड को खाली करना पड़ेगा। नीतीश कुमार ने कभी भी लालू परिवार के इस बंगले पर सख्ती नहीं दिखाई थी, लेकिन वर्तमान सरकार के फैसले स्पष्ट रूप से बीजेपी की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते राबड़ी देवी बड़े बंगले की मांग नहीं कर सकतीं, और 2017-19 के कोर्ट के फैसलों के बाद राहत की संभावना भी कम हो गई है।









