पटना में हिजाब विवाद से जुड़ा मामला फिर चर्चा में
पटना में हिजाब से संबंधित विवाद एक बार फिर मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है। आयुष चिकित्सक डॉ नुसरत प्रवीण ने 31 दिसंबर को अपनी नियुक्ति के लिए निर्धारित अंतिम तारीख पर भी पटना सदर अस्पताल में ज्वाइन नहीं किया है। इस वजह से उनकी नियुक्ति की स्थिति अब अनिश्चितता के घेरे में आ गई है।
डॉ नुसरत प्रवीण की ज्वाइनिंग में देरी और विभागीय स्थिति
सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि आज भी डॉ नुसरत प्रवीण ने अस्पताल में योगदान नहीं दिया है। विभाग की ओर से पहले ही ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई थी, लेकिन अब यह सीमा समाप्त हो चुकी है। विभाग का कहना है कि आगे की तिथि बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है। यदि डॉ नुसरत प्रवीण विभाग को पत्र लिखकर सूचित करती हैं कि किसी कारणवश वह ज्वाइन नहीं कर सकीं, तो विभाग उस आधार पर निर्णय लेगा। फिलहाल, विभाग ने कोई नया निर्देश जारी नहीं किया है।
पिछले घटनाक्रम और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार की आलोचना हुई थी। इसी दौरान डॉ नुसरत प्रवीण का हिजाब खींचे जाने का मामला भी सामने आया था। इस घटना के बाद खबरें आईं कि वह डिप्रेशन में हैं और संभव है कि वह नौकरी ज्वाइन न करें। हालांकि, उनके ज्वाइनिंग न करने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। एक दिन उनकी सहेली और एक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने दावा किया था कि वह जल्द ही ज्वाइन करेंगी, लेकिन यह भी सही साबित नहीं हुआ। विभाग का कहना है कि जब तक कोई विशेष निर्देश नहीं मिलते, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।









