पटना में अंडरग्राउंड बिजली केबलिंग का कार्य तेजी से प्रगति पर
बिहार की राजधानी पटना में बिजली की तारों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। स्मार्ट सिटी परियोजना और राज्य सरकार की योजनाओं के अंतर्गत इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रमुख इलाकों में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य पूरा, अन्य क्षेत्रों में जारी
बता दें कि बीरचंद पटेल पथ, स्टैंड रोड, सगुना मोड़, पाटलिपुत्र और बोरिंग रोड जैसे कई व्यस्त इलाकों में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। वहीं, अन्य क्षेत्रों में भी इस कार्य में तेजी आई है। आने वाले महीनों में डाकबंगला, बांकीपुर और आसपास के इलाकों में भी यह परियोजना पूरी कर ली जाएगी।
पहले चरण में 35 किलोमीटर क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य शुरू
पेसू (Patna Electric Supply Undertaking) के महाप्रबंधक दिलीप सिंह के अनुसार, इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 35 किलोमीटर क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य किया जाएगा। साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में पावर सब-स्टेशन और रिंग मेन यूनिट (RMU) का निर्माण भी किया जा रहा है। नगर विकास विभाग से अनुमति मिलने के बाद निजी कंपनियों को इस कार्य का जिम्मा सौंपा गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी, शॉर्ट सर्किट, बार-बार होने वाले बिजली कटौती और झूलते तारों जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करना है। परियोजना के अंतर्गत 61 कॉम्पैक्ट ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे और आधुनिक डक्ट सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि अंडरग्राउंड केबलिंग से पटना की बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और शहर को एक सुरक्षित, स्मार्ट और विकसित शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी।









