पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में प्रशासनिक कार्रवाई तेज
पटना के प्रसिद्ध शम्भू गर्ल्स हॉस्टल मामले में प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए हैं। रविवार को मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ हॉस्टल पहुंचकर वहां रह रहीं छात्राओं को उनका व्यक्तिगत सामान सौंपा गया। इस दौरान छात्राएं अपने परिजनों के साथ हॉस्टल पहुंचीं, लेकिन किसी ने भी मीडिया के सामने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर मजिस्ट्रेट ने पुष्टि की कि सभी छात्राओं का सामान सुरक्षित रूप से उनके हवाले कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
परिजनों का दर्द और भरोसे का टूटना
हॉस्टल पहुंचे कई परिजनों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब वे अपनी बेटियों को पटना में पढ़ाना नहीं चाहेंगे। उनका कहना है कि वे अपनी बेटियों को घर पर ही रखकर पढ़ाई कराएंगे, क्योंकि इस घटना के बाद उनका भरोसा पूरी तरह से टूट चुका है।
यह मामला एक NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद सुर्खियों में आया था, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया। इस घटना ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गृह मंत्री की सक्रियता और जांच का दौर
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने खुद कार्रवाई की कमान संभाली। उन्होंने राज्य के डीजीपी और एडीजी को अपने आवास पर बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही पटना के एसएसपी और सिटी एसपी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उनके आवास पहुंचे।
गृह मंत्री ने NEET छात्रा की मौत के मामले में गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट की समीक्षा की और अधिकारियों को निष्पक्ष व तेज जांच के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









