बिहार में निशांत कुमार का राजनीतिक पदार्पण और परिवारिक परंपरा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने राजनीति में कदम रखते ही सुर्खियों में जगह बना ली है। जेडीयू (Janata Dal United) की सदस्यता ग्रहण करने के बाद से ही वह सक्रिय हो गए हैं और अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर दी है। उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार के सदस्यों से मिलना शुरू किया और गुरुवार को अपने पैतृक गांव पहुंचकर वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसमें वह हाथ में राइफल लेकर निशाना साधते नजर आए।
सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों का पालन, राजनीतिक सफर की शुरुआत
निशांत कुमार ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत में ही अपने परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने तीनों बुआओं उषा देवी, प्रभा देवी और इंदु कुमारी से मिलकर उनके आशीर्वाद प्राप्त किए। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे, जहां से उनकी एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई। इस दौरान उन्होंने शूटिंग रेंज का दौरा किया, जहां उन्होंने राइफल चलाने का अभ्यास किया और स्थानीय खिलाड़ियों से मिलकर खेल के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
पारिवारिक परंपरा और राजनीतिक दिशा
गांव पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले मंदिर में पूजा अर्चना की और बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। अपने पिता नीतीश कुमार की शैली का अनुसरण करते हुए, निशांत ने भी पारिवारिक मूल्यों और सादगी का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने बिहार में विकास के कई कार्य किए हैं, जिनका असर आज जनता के समर्थन के रूप में दिख रहा है। साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य जेडीयू की नीतियों को जनता तक पहुंचाना है।









