बिहार में सात निश्चय कार्यक्रम का तीसरा चरण शुरू
बिहार में सात निश्चय योजना अब अपने तीसरे चरण में प्रवेश कर चुकी है, और सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के समग्र विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। केंद्र सरकार भी विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसी दिशा में मनरेगा जैसी योजनाओं का नाम भी अब विकसित भारत से जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में इस तीसरे चरण के लिए मंजूरी दी गई है। सात निश्चय 3.0 के तहत बिहार की एनडीए सरकार ने 2025 से 2030 तक के विकास रोडमैप का प्रस्ताव रखा है। इस योजना का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देना, 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित करना और राज्य की औसत आय को दोगुना करना है। साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और पर्यटन को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सात निश्चय 3.0 के मुख्य उद्देश्य और योजनाएं
रोजगार, उद्योग और कृषि में नई पहल
सात निश्चय 3.0 का पहला उद्देश्य है रोजगार और आय में वृद्धि। नीतीश कुमार का कहना है कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य है। इसके लिए महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएं शुरू की गई हैं, जिसमें उन्हें 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। 2023 में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण और जाति आधारित गणना के आधार पर 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है, जिसके लिए युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है।
दूसरे निश्चय का नाम है ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’, जिसमें राज्य में उद्योगों के विकास पर जोर दिया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जिनका उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाना और विश्वस्तरीय वर्क प्लेस के रूप में विकसित करना है। सभी जिलों में उद्योग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं, और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए निदेशालय की स्थापना की गई है। साथ ही, बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने और नई मिलों की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है।
खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
तीसरे निश्चय का मूल मंत्र है ‘कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि’। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 2024-2029 के कृषि रोडमैप पर तेजी से काम किया जाएगा। मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के साथ ही डेयरी और मत्स्य पालन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर हर खेत तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ का लक्ष्य लेकर उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है। पुराने शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा और नई एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रखंड और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी केंद्र में बदला जाएगा, और ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। निजी और सरकारी भागीदारी से नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी स्थापित किए जाएंगे।
शहरी विकास के तहत नए शहरों का निर्माण और सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। फिल्म सिटी का निर्माण कर क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित किया जाएगा। अंतिम निश्चय का उद्देश्य है जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, जिसमें तकनीक, नवाचार और सुशासन के माध्यम से नागरिकों को जीवन आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।









