बिहार में राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जहां सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद अब उनका दिल्ली जाना तय माना जा रहा है। साथ ही, मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफे के साथ ही उन्हें Z प्लस सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी, जिसकी अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। बिहार में नई सरकार के गठन का अंतिम शेड्यूल भी तय हो चुका है, लेकिन मुख्य सवाल यह है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) किस नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएगी।
नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा और सरकार गठन की प्रक्रिया
नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत का सिलसिला समाप्त कर दिया है, जिससे यह सवाल उठ रहे हैं कि वह राज्यसभा सदस्यता की शपथ कब लेंगे और कब अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक पूरी हो जाएगी, और इस दौरान कौन मुख्यमंत्री बनेगा, यह BJP के निर्णय पर निर्भर है। 6 अप्रैल को जेडीयू (Janata Dal United) की कार्यकारिणी बैठक पटना में बुलाई गई है, जिसमें महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है। इसके बाद नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वह जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेंगे।
नीतीश कुमार की मुलाकातें और नई सरकार का रास्ता
दिल्ली में रहते हुए नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से भी मुलाकात कर सकते हैं। 10 अप्रैल को वह राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, और माना जा रहा है कि इसी दिन वह मोदी से मिलकर बिहार की नई सरकार के गठन पर चर्चा कर सकते हैं। शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना तय माना जा रहा है, हालांकि वह छह महीने तक मुख्यमंत्री रह सकते हैं। खरमास समाप्त होने के बाद, नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, और इसके साथ ही नई सरकार का गठन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।










