बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर बयान
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने लगभग पांच दशकों तक बिहार की राजनीति और विकास में अपना योगदान दिया है। यदि वे अब राज्यसभा का रास्ता अपनाते हैं, तो यह जनता के लिए चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन इससे राज्य के विकास की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
विकास की गति और जनता का भरोसा कायम रहेगा
सम्राट चौधरी ने यह बात पटना में औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों के एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को जो समर्थन दिया है, उससे वह आश्वस्त हैं कि राज्य में विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के प्रति जनता का भरोसा मजबूत है और यह गति बनी रहेगी।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का सपना, ममता बनर्जी पर हमला
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में बिहार में एक करोड़ लोगों को रोजगार मिले। इस दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार तेजी से प्रगति करेगा।
वहीं, इस दौरान सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने आदिवासी समाज के संथाल समुदाय के एक कार्यक्रम स्थल को बदलने के मामले में राष्ट्रपति महोदया का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार आदिवासी समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है।
सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल की जनता जल्द ही इसका जवाब देगी और आने वाले दो महीनों में ममता बनर्जी को यह समझ आ जाएगा कि आदिवासी समाज का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत है और सही समय पर सही फैसला लेती है। उनका मानना है कि जनता के फैसले से पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव आएगा।









