बिहार में राजनीतिक बदलाव की नई शुरुआत
बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ रहा है, जब लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने गुरुवार को दिल्ली पहुंचकर स्पष्ट किया कि वह शुक्रवार को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ग्रहण करेंगे। यह कदम बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज कर रहा है।
नीतीश कुमार का राज्यसभा में शपथ और बिहार में नई सरकार का संकेत
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार दोपहर 12:15 बजे राज्यसभा सदस्यता की शपथ लेंगे। शपथ लेने के बाद वह शाम को ही दिल्ली से पटना लौट आएंगे। दिल्ली में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह कल शपथ ग्रहण कर लेंगे और बिहार में नई सरकार बनाने का कार्य शुरू कर देंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बिहार में नई सरकार जल्द ही स्थापित हो जाएगी।
सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया और आगामी राजनीतिक समीकरण
नीतीश कुमार के इस कदम के साथ ही बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 14 अप्रैल के आसपास नया मुख्यमंत्री चुन सकता है। नीतीश कुमार को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन द्वारा शपथ दिलाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि वह 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए थे और 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इस बदलाव की पुष्टि करते हुए कहा कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार ही बनी रहेगी और राज्य नीतीश मॉडल के तहत ही आगे बढ़ेगा, जो पिछले 20 वर्षों से लागू है। दिल्ली पहुंचने पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जब नीतीश कुमार से उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस पर पार्टी के अन्य नेता ही जवाब देंगे।










