पटना में सरस्वती पूजा के दौरान राजनीतिक हलचल
पटना में सरस्वती पूजा के अवसर पर एक अनूठा राजनीतिक रंग देखने को मिला। इस धार्मिक आयोजन में सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं ने भाग लिया, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए। जैसे ही वे पूजा स्थल पर पहुंचे, पूरा माहौल उत्सवपूर्ण हो गया। लेकिन इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार की उपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को फिर से हवा दे दी। कार्यक्रम के दौरान ललन सिंह का संकेत और निशांत की चुप्पी चर्चा का विषय बन गई।
मुख्यमंत्री के बेटे की उपस्थिति और राजनीतिक संकेत
यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम में भाग लेने से पहले ही उनके पुत्र निशांत कुमार पूजा स्थल पर मौजूद थे। जैसे ही नीतीश कुमार पूजा पंडाल में पहुंचे, उन्होंने अपने बेटे से पूछा, “कब आए हो जी यहाँ?” इस पर निशांत ने जवाब दिया, “हो गया आधा घंटा।” नीतीश कुमार ने विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
राजनीतिक संकेत और पारिवारिक क्षण
कार्यक्रम के दौरान एक दृश्य ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को फिर से जीवंत कर दिया। जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने निशांत कुमार के पीठ पर हाथ फेरते हुए उन्हें राजनीति में आने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, “अब मान जाइए और राजनीति में आ जाइए।” हालांकि, निशांत ने कोई सीधा प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि मुस्कुराते हुए शांत रहे। बाद में जब उनसे पूछा गया कि वे क्यों आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे मां सरस्वती का आशीर्वाद लेने आए हैं। इस संक्षिप्त बयान से स्पष्ट हो गया कि फिलहाल वे राजनीति से दूर रहना चाहते हैं। इस कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे।









