बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू
16 मार्च को होने वाले बिहार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विधायकों की संख्या के आधार पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) आसानी से इन पांच सीटों में से चार पर जीत हासिल करेगा। इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) को दो-दो सीटें मिल सकती हैं। भाजपा के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में कोई बड़ी बाधा नहीं है, जबकि जेडीयू के सामने कुछ चुनौतियां खड़ी हैं।
जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त, नई रणनीति की जरूरत
जेडीयू कोटे से राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल इस बार समाप्त हो रहा है। यदि नीतीश कुमार तीसरी बार इन नेताओं को मौका देते हैं, तो यह उनके लिए एक नई राजनीतिक चुनौती बन सकता है। शरद यादव और महेंद्र प्रसाद जैसे नेताओं को छोड़कर, पार्टी ने अभी तक तीसरी बार किसी को भी राज्यसभा भेजने का अवसर नहीं दिया है। दोनों नेताओं का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, और इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी किसे मौका देती है।
क्या नीतीश कुमार तीसरी बार मौका देंगे या नए चेहरे को मौका मिलेगा?
साल 2014 में नीतीश कुमार ने वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश नारायण सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर को जेडीयू के कोटे से राज्यसभा भेजा था। इसके बाद 2020 में भी दोनों नेताओं का कार्यकाल बढ़ाया गया, और अब दोनों का दूसरा कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। हरिवंश नारायण सिंह लगातार सात वर्षों से उपसभापति पद पर हैं, जबकि रामनाथ ठाकुर वर्तमान में मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। जेडीयू के इन दोनों सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। विधायकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए, पार्टी अपने कोटे से दो सदस्यों को भेज सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार इन दोनों में से किसी एक को तीसरी बार मौका देंगे या फिर नए चेहरे को मौका मिलेगा।









